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@mangesh1982
#शराब_पीना_महापाप
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♦️ कबीर, अमल अहारी आत्मा, कबहूँ ना पावै पार।
कहै कबीर पुकार के, त्यागो सब ही विकार।।
संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संगों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं, जो लोगों को नशे की लत छोड़ने के लिए प्रेरित करता है।
♦️ नशा करता है नाश
नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है। फिर शरीर का नाश करता है।
-संत रामपाल जी महाराज जी
♦️ शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं:- फेफड़े, जिगर (लीवर), गुर्दे (kidney), हृदय। शराब सर्वप्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। सुल्फा (चरस) दिमाग को पूरी तरह नष्ट कर देता है। हेरोईन शराब से भी अधिक शरीर को खोखला करती है। अफीम से शरीर कमजोर हो जाता है। अपनी कार्यशैली छोड़ देता है। अफीम से ही चार्ज होकर चलने लगता है। रक्त दूषित हो जाता है। इसलिए इनको तो गाँव-नगर में भी नहीं रखे, घर की बात क्या। सेवन करना तो सोचना भी नहीं चाहिए।
-संत रामपाल जी महाराज जी
♦️ कबीर, भांग तमाखू छोतरा, तम्बाखू और शराब।
कबीर कौन करै बंदगी, ये तो घनें खराब।।
संत रामपाल जी महाराज के सत्संगों में ज्ञान और आत्म-जागृति की शक्ति है, जो लोगों को बुरे कर्मों से बचाती है।
♦️ गरीब, मदिरा पीवै कड़वा पानी, सत्तर जन्म स्वान के जानी।
अर्थात शराब पीने वाला वुकती स्वान/कुत्ते का जीवन प्राप्त कर्ता है। इस तरह के ज्ञान से संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में कई नशेड़ी लोगों ने नशा छोड़कर नया जीवन शुरू किया है।
♦️ पीवै तमाखू पड़ै कर्म मार। अमली के मुख में मुत्रा की धार।।
कड़वा ही कड़वा तू करता हमेश। कड़वा ही ले प्यारे कड़वा ही पेश।।
♦️हुक्का हरदम पीवते, लाल मिलांवे धूर।
इसमें संशय है नहीं, जन्म पीछले सूअर।।
समाज के व्यक्तियों को देखकर कुछ व्यक्ति हुक्का या अन्य नशीली वस्तुऐं सेवन करने लग जाते हैं। यदि सत्संग सुनकर बुराई त्याग देते हैं तो वे जीव पिछले जन्म में भी मनुष्य थे। उनके अंदर नशे की गहरी लत नहीं बनती। परंतु जो बार-बार सत्संग सुनकर भी तम्बाकू आदि नशे का त्याग नहीं कर पाते, वे पिछले जन्म में सूअर के शरीर में थे। सूअर के शरीर में बदबू (bad smell) सूंघने से तम्बाकू की बदबू पीने-सूंघने की गहरी आदत होती है। वे शीघ्र हुक्का व अन्य नशा नहीं त्याग पाते। वे अपने अनमोल मानव शरीर रूपी लाल को मिट्टी में मिला रहे हैं। उनको अधिक सत्संग सुनने की राय दी जाती है। निराश न हों। सच्चे मन से परमात्मा कबीर जी से नशा छुड़वाने की पुकार प्रार्थना करने से सब नशा छूट जाता है।
♦️मानव शरीर को ऑक्सीजन की आवश्यकता है। उसके स्थान पर तम्बाकू का धुँआ (कार्बनडाईऑक्साइड) प्रवेश करता है तो उनको खाँसी रोग हो जाता है। पित्त तथा बाई (बाय) का रोग हो जाता है।
♦️ कबीर, औगुण कहूं शराब का, ज्ञानवंत सुन लेय।
मानुष सौं पशुवा करै, द्रव्य गांठ का देय।।
संत रामपाल जी वेदों, गीता और कबीर सागर जैसे ग्रंथों के आधार पर नशे के दुष्परिणामों को समझाते हैं।
♦️ संत रामपाल जी महाराज के शिष्य नशे को हाथ तक नहीं लगाते, जो उनकी शिक्षाओं का प्रभाव है। क्योंकि संत रामपाल जी बताते हैं:
गरीब, भांग तम्बाखू पीव हीं, सुरा पान से हेत।
गोश्त मट्टी खाय कर, जंगली बनें प्रेत।।
♦️ संत रामपाल जी महाराज के प्रयासों से न केवल भारत बल्कि विश्व में भी नशा मुक्त समाज की नींव रखी जा रही है।
♦️ संत गरीबदास जी ने कहा है कि:-
तमा + खू = तमाखू।
खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल जैसे रूंग (रोम) जैसे होते हैं। हे मानव! तेरे को सौ बार सौगंद है कि इस तमाखू का सेवन किसी रूप में भी मत कर। तमाखू का सेवन गाय का खून पीने के समान पाप लगता है।
♦️ सौ नारी जारी करै, सुरापान सौ बार।
एक चिलम हुक्का भरै, डूबै काली धार।।
एक चिलम भरकर हुक्का पीने वाले को देने से भरने वाले को जो पाप लगता है, वह सुनो। एक बार परस्त्राी गमन करने वाला, एक बार शराब पीने वाला, एक बार माँस खाने वाला पाप के कारण उपरोक्त कष्ट भोगता है। सौ स्त्रिायों से भोग करे और सौ बार शराब पीऐ, उसे जो पाप लगता है, वह पाप एक चिलम भरकर हुक्का पीने वाले को देने वाले को लगता है। विचार करो तम्बाकू सेवन (हुक्के में, बीड़ी-सिगरेट में पीने वाले, खाने वाले) करने वाले को कितना पाप लगेगा? इसलिए उपरोक्त सर्व पदार्थों का सेवन कभी न करो।
#IndiaWillBecomeTheGoldenBird
Factful Debates YtChannel
♦️ असम के पहाड़ में बसे जिस गाँव में हाइड्रॉलिक सर्वे द्वारा यह मान लिया गया था कि इस पहाड़ के भूगर्भ में कोई जल का स्रोत नहीं वहाँ कैसे निकला 4 लेयर पानी?
जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ भारत पुनः सोने की चिड़िया कैसे बनेगा?
जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ जीसस के मृत्यु के तीसरे दिन यूहन्ना को जीसस के रूप में दिखने वाला पुरुष कौन था?
जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ मेहरड़ा गाँव का 30 साल का जल संकट आखिर संत रामपाल जी महाराज ने 3 दिनों में कैसे खत्म किया?
जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ हरियाणा से लेकर असम के लोग संत रामपाल जी महाराज को क्यों कह रहे भगवान? जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ भारत को पुनः सोने की चिड़िया बनाने का संत रामपाल जी महाराज का क्या है रोडमैप?
जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ भविष्य मालिका, कबीर सागर से लेकर बाइबल जिसका दे रही संकेत, वह है कौन? जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ दुनिया जिसे खोज रही है वह धरती पर आ चुका है। आखिर कौन है वो? जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ वह महापुरुष कौन है जो इंसानों से लेकर बेजुबानों की भी सुध ले रहा है?
जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️असम के जिस गाँव में सरकार ने 800 फीट बोरिंग कराया लेकिन पानी नहीं निकला और संत रामपाल जी द्वारा कराए गए बोरिंग से पानी कैसे निकला? असम वासियों की जुबानी सच जानने के लिए देखिए "कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7" Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
#भारत_ऐसेबनेगा_सोने_की_चिड़िया
Factful Debates Yt Channel
⤵️
https://youtu.be/wZARO887gn0?si=e9VoJymjfxtJHr-Z
अन्नपूर्णा मुहिम की कैसे शुरुआत हुई सुनिए संत रामपाल जी महाराज से |
#मानव_धर्म_हमारा
Sant RampalJi Life Savior
♦️ श्रद्धालुओं द्वारा रक्तदान कर दिया गया सामाजिक संदेश
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के दौरान हरियाणा के सतलोक आश्रम भिवानी में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। इस शिविर में 100 श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
♦️ रक्तदान शिविर का सफल आयोजन
संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा) में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं द्वारा 418 यूनिट रक्तदान किया गया। यह पहल आपातकाल में जीवन रक्षा के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।
♦️: समाज कल्याण हेतु रक्तदान शिविर संपन्न
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम धूरी (पंजाब) में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित शिविर में 70 श्रद्धालुओं ने रक्तदान किया। इस परोपकारी कार्य का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग प्रदान करना है।
♦️ रक्तदान शिविर: 132 यूनिट रक्त एकत्रित
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में रक्तदान शिविर संपन्न हुआ। इसमें श्रद्धालुओं के सहयोग से 132 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो जरूरतमंदों की चिकित्सा सहायता के लिए उपयोगी होगा।
♦️ जरूरतमंदों की सहायता हेतु 60 यूनिट रक्तदान
संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश) में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने समाज के प्रति अपना उत्तरदायित्व निभाते हुए 60 यूनिट रक्तदान किया।
♦️ मुंडका में 103 श्रद्धालुओं ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली) में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित शिविर में 103 श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस निस्वार्थ सेवा कार्य के माध्यम से मानव कल्याण का संदेश दिया गया।
♦️रक्तदान शिविर: 174 यूनिट रक्त संग्रहित
संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के उपलक्ष्य में सतलोक आश्रम खमाणों (पंजाब) में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर के दौरान सेवाभाव दिखाते हुए श्रद्धालुओं ने कुल 174 यूनिट रक्तदान किया।
♦️ इंदौर में 118 अनुयायियों ने किया रक्तदान
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम इंदौर (मध्य प्रदेश) में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 118 अनुयायियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर सामाजिक कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
♦️ रक्तदान शिविर के माध्यम से एकत्रित हुआ 185 यूनिट रक्त
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अंतर्गत सतलोक आश्रम बैतूल (मध्य प्रदेश) में संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में रक्तदान शिविर संपन्न हुआ। समाज कल्याण की इस पहल में संत रामपाल जी के अनुयायियों के सहयोग से 185 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
♦️: सीतापुर में श्रद्धालुओं ने किया 70 यूनिट रक्तदान
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के दौरान उत्तर प्रदेश के सतलोक आश्रम सीतापुर में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इसमें 70 अनुयायियों ने मानव सेवा के उद्देश्य से निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया।
♦️: 100 शिष्यों ने किया रक्तदान
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर राजस्थान के सतलोक आश्रम सोजत में संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 100 शिष्यों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
♦️रक्तदान: 271 यूनिट रक्त संग्रहित
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम धवलपुरी (महाराष्ट्र) में एक रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में संत रामपाल जी के शिष्यों के सहयोग से कुल 271 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो चिकित्सा आवश्यकताओं में उपयोगी सिद्ध होगा।
♦️ नेपाल में 91 यूनिट रक्तदान कर मानवता की सेवा का प्रयास
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम धनुषा (नेपाल) में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर में 91 यूनिट रक्तदान कर श्रद्धालुओं ने मानव कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
#Marriages_In_17Minutes
Mission Of Sant Rampal Ji
♦️धनाना धाम में दहेज मुक्त विवाह की सराहनीय पहल
संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा) में 42 जोड़ों का पूर्णतः दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) संपन्न हुआ। बिना किसी लेन-देन और आडंबर के आयोजित यह विवाह कार्यक्रम समाज सुधार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
♦️भिवानी में सादगीपूर्ण विवाह से समाज को नया संदेश
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम भिवानी (हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में सात जोड़ों ने बिना किसी लेन-देन के रमैणी (दहेज मुक्त विवाह) की। इस सादगीपूर्ण आयोजन ने समाज को फिजूलखर्ची से बचने की नई दिशा दी है।
♦️कुरुक्षेत्र में दहेज मुक्त समाज की ओर बढ़ते कदम
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद से सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में 11 जोड़ों का आदर्श और सादगीपूर्ण दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज में बेटियों के सम्मान और गरिमा को बढ़ावा देने का एक प्रयास है।
♦️दिल्ली के मुंडका से दहेज प्रथा के बहिष्कार का संदेश
संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के दौरान सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली) में आठ जोड़ों ने दहेज प्रथा का विरोध करते हुए रमैणी (विवाह) संपन्न की। यह पहल सामाजिक कुप्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
♦️खमाणों में बिना फिजूलखर्ची के विवाह संपन्न
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम खमाणों (पंजाब) में संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से छह जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) संपन्न हुआ। बिना किसी अतिरिक्त व्यय और बैंड-बाजे के आयोजित इन विवाहों ने सादगी के महत्व को दर्शाया है।
♦️ पंजाब के धूरी में सामाजिक सुधार का प्रयास
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम धूरी (पंजाब) में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में एक जोड़े ने अत्यंत सादगी के साथ दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) किया। इस विवाह के माध्यम से समाज में एक सादगीपूर्ण परंपरा को प्रोत्साहित किया गया है।
♦️सीतापुर में 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में सतलोक आश्रम सीतापुर (उत्तर प्रदेश) में 30 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) कराया गया। यह सराहनीय पहल समाज से दहेज जैसी कुप्रथा को दूर करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
♦️उत्तर प्रदेश के शामली में संपन्न हुए 21 आदर्श विवाह
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश) में 21 जोड़ों का आदर्श व दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) संपन्न हुआ। इस आयोजन के माध्यम से रूढ़िवादी और खर्चीली परंपराओं को कम करने का प्रयास किया गया।
♦️इंदौर में दहेज मुक्त विवाह का अनुकरणीय उदाहरण
संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के दौरान सतलोक आश्रम इंदौर (मध्य प्रदेश) में 29 जोड़ों ने बिना किसी आडंबर और दिखावे के दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) किया। सादगी से संपन्न हुए इन विवाहों ने समाज के समक्ष एक सकारात्मक संदेश प्रस्तुत किया है।
♦️बैतूल में 49 जोड़ों का सादगीपूर्ण विवाह संपन्न
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में सतलोक आश्रम बैतूल (मध्य प्रदेश) में 49 जोड़ों का पूर्णतः दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) कराया गया। यह वृहद आयोजन सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने का एक बड़ा प्रयास है।
♦️नेपाल में भी पहुंची दहेज मुक्त विवाह की पहल
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के पावन अवसर पर सतलोक आश्रम धनुषा (नेपाल) में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में सात जोड़ों ने दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) किया। यह कदम दर्शाता है कि सामाजिक सुधार और सादगीपूर्ण विवाह के प्रति जागरूकता भौगोलिक सीमाओं से परे फैल रही है।
♦️राजस्थान के सोजत में 51 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में "कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान) में 51 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) संपन्न कराया गया। यह आयोजन समाज को अनावश्यक प्रदर्शन से दूर रहकर सादगी अपनाने की प्रेरणा देता है।
♦️महाराष्ट्र के धवलपुरी में सादगीपूर्ण विवाह आयोजित
"कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस" के अवसर पर संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में सतलोक आश्रम धवलपुरी (महाराष्ट्र) में पांच जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह (रमैणी) संपन्न हुआ। यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सुधार के सुंदर समन्वय को दर्शाता है।
#न_मेरा_जन्म_न_गर्भ_बसेरा
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♦️ कबीर साहेब माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते। वे सन् 1398, विक्रमी संवत् 1455 में, काशी के पवित्र लहरतारा तालाब में खिले कमल के पुष्प पर शिशु रूप में सशरीर प्रकट हुए थे। यह कोई सामान्य जन्म नहीं, बल्कि साक्षात् परमात्मा का प्राकट्य था।
प्रमाण: ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 जिसमें स्पष्ट है कि पूर्ण परमात्मा का जन्म नहीं होता, वह सशरीर प्रकट होता है।
♦️ क्या वेद बता सकते हैं भगवान कौन है?
जी हाँ, और जवाब है कबीर साहेब!
ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 प्रमाणित करता है कि पूर्ण परमात्मा कभी माता के गर्भ से जन्म नहीं लेता, वह शिशु रूप में प्रकट होता है। वही कबीर साहेब हैं।
♦️ "कबीर साहेब प्रकट दिवस" वह पावन दिन है, जब सर्व ब्रह्मांडों के रचनहार स्वयं कबीर परमेश्वर सत्यलोक से चलकर, हम भटकती हुई जीवात्माओं को तारने के लिए पृथ्वी पर सशरीर अवतरित हुए।
पांच तत्त्व की देह ना मेरी, ना कोई माता जाया।
जीव उदारन तुम को तारन, सीधा जग में आया।।
♦️ अजन्मा परमेश्वर, जन्म-मृत्यु से परे कबीर साहेब
कबीर साहेब के न कोई माता-पिता हैं, न उनका जन्म-मृत्यु का कोई बंधन है। वे अविनाशी और सर्वशक्तिमान पूर्ण परमात्मा हैं, जो हर युग में जीवों के उद्धार हेतु सशरीर धरती पर प्रकट होते हैं।
ना मेरा जन्म, ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।
काशी नगर जल कमल पर डेरा तहाँ जुलाहे ने पाया।
♦️ संत गरीबदास जी महाराज ने भी अपनी अमरवाणी में स्पष्ट किया है कि जिसके जन्मदाता कोई माता-पिता नहीं हैं और जिसके जन्म का कोई प्रमाण नहीं है वह केवल पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब है।
गरीब, मात पिता जाके नहीं, नहीं जन्म प्रमाण।
यौह पूर्ण ब्रह्म कबीर है, करता हंस अमान।।
♦️ ना मेरा जन्म, ना गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया।
काशी नगर जल कमल पर डेरा तहाँ जुलाहे ने पाया।
ऋग्वेद मण्डल 10, सूक्त 4, मंत्र 3 में स्पष्ट उल्लेख है कि परमात्मा का जन्म नहीं होता वह सशरीर प्रकट होता है, और वही परमेश्वर कबीर जी हैं। जिनका जन्म नहीं, सशरीर प्राकट्य हुआ था। इसी सत्य के प्रमाण स्वरूप 629वां कबीर साहेब प्रकट दिवस, संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 27, 28 व 29 जून को मनाया जा रहा है।
♦️ गरीब, साहिब पुरुष कबीर कूँ, जन्म लिया नहीं कोय।
शब्द स्वरूपी रूप है, घट घट बोलै सोय।।
ज्येष्ठ पूर्णिमा, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ब्रह्म मुहूर्त की वह घड़ी जब कबीर परमेश्वर सतलोक से सशरीर चलकर लहरतारा तालाब के कमल पर शिशु रूप में प्रकट हुए। उसी पावन घड़ी की स्मृति में संत रामपाल जी महाराज की उपस्थिति में 629वां प्रकट दिवस 27, 28 व 29 जून को मनाया जा रहा है।
♦️वेद कहते हैं, परमात्मा सशरीर आता है!
ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 93, मंत्र 2 के अनुसार परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर आता है, वही साक्षात् रूप कबीर साहेब का है, जिनका जन्म नहीं हुआ बल्कि सशरीर प्राकट्य हुआ। इसी ऐतिहासिक सत्य के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में 629वां कबीर साहेब प्रकट दिवस 27-29 जून को मनाया जा रहा है।
♦️ 600 साल पुराना रहस्य, आज भी काशी की धरती गवाह है!
कबीर साहेब वह अविनाशी परमात्मा हैं जो हर युग में जन्म नहीं लेते बल्कि सशरीर प्रकट होते हैं। कलियुग में वे काशी के लहरतारा तालाब में, कमल के फूल पर, विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) की ज्येष्ठ पूर्णिमा को सशरीर प्रकट हुए और इसके साक्ष्य आज भी काशी में मौजूद हैं। जिन्हें संत रामपाल जी महाराज ने उजागर किया है।
♦️ जिनका नहीं जन्म का कोई प्रमाण, वह है कबीर भगवान
आज से लगभग 600 वर्ष पहले, काशी के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर परमेश्वर कबीर जी का सशरीर प्राकट्य हुआ था। इसके जीवंत साक्ष्य आज भी लहरतारा तालाब, काशी में विद्यमान हैं। संत रामपाल जी महाराज की पावन उपस्थिति में कबीर साहेब प्रकट दिवस, 27-29 जून को भव्य रूप से मनाया जा रहा है। आइए, सब मिलकर इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनें।
#संतरामपालजी_का_वरदान
#शुद्ध_जल_पियेगा_हिंदुस्तान
♦️ खारे व गर्म पानी के अभिशाप से मुक्त हुआ गांव बिधलान
1500 फुट गहरे सरकारी ट्यूबवेल के हानिकारक खारे व गर्म पानी से चर्म रोगों से पीड़ित ग्रामीणों के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा शुद्ध पेयजल अभियान के तहत नहर पर मीठे पानी के ट्यूबवेल का प्रबंध किया गया। 15 घंटे के भीतर किए गए इस प्रबंध ने गांव की भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त किया।
♦️गांव मेहरड़ा में 30 साल पुरानी जल समस्या का समाधान
जींद के मेहरड़ा गांव में गंभीर पेयजल संकट को समाप्त करने के लिए सन्त रामपाल जी महाराज का परोपकारी प्रयास। पंचायत की अरदास के मात्र 24 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज ने शुद्ध पेयजल अभियान के तहत 10,500 फीट लंबी पेयजल पाइपलाइन और 10 HP की समर्सिबल मोटर सहित पूरा सेट गांव पहुंचाया गया। 3 किलोमीटर दूर नहर से गांव तक मीठे पानी की आवक से गाँव का 30 साल पुराना जल संकट हमेशा के लिए समाप्त होने जा रहा है।
♦️ खराब भूजल और महंगे पानी के खर्च से गांव मेहरड़ा को मिली मुक्ति
खारे और प्रदूषित भूमिगत जल के कारण प्रति माह मोल का पानी खरीदने को मजबूर गरीब परिवारों के लिए मीठे पानी की व्यवस्था। संत रामपाल जी महाराज द्वारा नहर के समीप बोरिंग के लिए 130 फुट पीवीसी पाइप, केबल, स्टार्टर, नट-बोल्ट और सभी आवश्यक उपकरण निशुल्क प्रदान किए गए। जनहित के इस कार्य से सोनीपत के पूरे मेहरड़ा गांव में हर्ष और उत्साह का वातावरण है।
♦️ बडाला की वर्षों पुरानी जल समस्या का समाधान
हांसी के गांव बडाला में क्षतिग्रस्त सरकारी पाइपलाइन के कारण दशकों से पेयजल संकट झेल रही मातृशक्ति को मिली बड़ी राहत। संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान के तहत नहर से जलघर की डिग्गी तक पानी पहुंचाने के लिए 3,500 फीट लंबी मजबूत पाइपलाइन और पानी की मोटर उपलब्ध कराई गई। अब गांव के हर घर में समय पर स्वच्छ और मीठा पानी पहुंचना सुगम होगा।
♦️ पेयजल आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था
बडाला (हांसी) के जलघर में नहर से निर्बाध पानी पहुंचाने के लिए संत रामपाल जी महाराज की ओर से शुद्ध पेयजल अभियान के तहत 3500 फीट लंबी पाइपलाइन की सौगात दी गई। जलघर के टैंकों के नियमित रूप से भरने से गांव में पानी की किल्लत पूरी तरह समाप्त होगी।
♦️ बिधलान गांव को मिली बड़ी राहत
सोनीपत के बिधलान गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या और प्रदूषित तालाब की निकासी का हुआ स्थायी समाधान। ग्राम पंचायत की प्रार्थना के मात्र 12 से 15 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान के तहत कुल 12,800 फीट लंबी पाइपलाइन और समर्सिबल ट्यूबवेल की व्यवस्था की गई। जिससे गाँव की 8000 की आबादी को दशकों पुराने नर्क से सदा के लिए मुक्ति मिल सकेगी।
♦️'अन्नपूर्णा मुहिम' के तहत शुद्ध पेयजल अभियान
"40 साल से जो समस्या सरकार भी हल नहीं कर पाई, संत रामपाल जी महाराज ने उसे चंद दिनों में दूर कर दिया।" — ग्रामवासी, बरहाना (झज्जर)
संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान के तहत निःशुल्क आरओ प्लांट से आज पूरा गांव शुद्ध पेयजल का लाभ उठा रहा है।
♦️ शुद्ध जल, हर घर तक
संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान और पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान के तहत ग्राम बरहाना, जिला झज्जर (हरियाणा) में दी गई सुविधाएं:
✅ निःशुल्क आरओ प्लांट की स्थापना
✅ वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान
✅ सैकड़ों ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ
✅ बेजुबान जानवरों के लिए किया गया 4 गौ घाटों का निर्माण
♦️ गांव फरमाणा लुजान को मिला नया जीवन
सोनीपत के गांव फरमाणा लुजान में संत रामपाल जी महाराज के शुद्ध पेयजल अभियान और पशुधन बचाओ, शुद्ध जल पिलाओ अभियान के तहत बड़ी सहायता पहुंची। तालाब को भरने और पीने के पानी की आपूर्ति के लिए 21,000 फीट लंबी पाइपलाइन तथा दो पानी की मोटरें भेंट की गईं। जोकि बेजुबान पशुओं और ग्रामीणों को दूषित पानी से राहत दिलाने की दिशा में एक बड़ा मानवीय कदम है।
♦️ स्वच्छ जल, स्वस्थ जीवन: पेयजल संकट से मिली मुक्ति
गांव बरहाना, जिला झज्जर (हरियाणा) में 40 वर्षों से स्वच्छ पेयजल की समस्या बनी हुई थी। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा शुद्ध पेयजल अभियान के तहत गांव में निःशुल्क आरओ प्लांट स्थापित करवाया गया। आज गांव के सैकड़ों परिवारों को मीठा व शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
#परमात्मा_पर_किये_गए_जुल्म
6Days Left Kabir Prakat Diwas
♦️ तोप से गोले दागना
शेखतकी ने कबीर साहेब पर लगातार 12 घंटे (4 पहर) तक तोप से गोले चलवाए। लेकिन एक भी गोला उनके पास तक नहीं पहुंचा। अंत में कबीर साहेब वहां से अंतर्ध्यान होकर संत रविदास जी की कुटिया में प्रकट हो गए।
♦️ गले में पत्थर बांधकर गंगा में डुबोना
सिकंदर लोधी और शेखतकी ने कबीर साहेब को भारी बेड़ियों में जकड़कर और गले में भारी पत्थर बांधकर नाव में बैठकर गंगा नदी में फेंक दिया गया। लेकिन बेड़ियां अपने आप टूट गईं और परमात्मा जल के ऊपर सुखासन में विराजमान रहे।
♦️ उबलते तेल की कढ़ाई में डालना
शेखतकी ने हजारों लोगों के सामने कबीर साहेब को खौलते हुए तेल के कड़ाहे में डाल दिया। लेकिन परमात्मा कबीर जी उसमें ऐसे आराम से बैठे रहे जैसे ठंडे जल में बैठे हों; उन्हें खरोंच तक नहीं आई।
♦️ मदमस्त खूनी हाथी के आगे डालना
कबीर साहेब के हाथ-पैर बांधकर उन्हें शराब पिलाए गए एक हाथी के आगे फेंक दिया गया। लेकिन हाथी को कबीर जी की जगह एक भयानक बब्बर शेर दिखाई दिया, जिसे देखकर हाथी डरकर उल्टे पैर भाग गया।
♦️ तलवारों से वार करना
शेखतकी ने रात के समय कुटिया में सो रहे कबीर साहेब की हत्या के लिए गुंडों से बेतहाशा तलवारें चलवाईं। लेकिन कबीर जी का शरीर अविनाशी और नूरी होने के कारण तलवारें उनके शरीर के आर-पार निकल गईं।
♦️ गले में जहरीला सांप डालना
कबीर जी जब सत्संग कर रहे थे, तब शेखतकी के आदेश पर एक सिपाही ने उनके गले में खतरनाक जहरीला सांप डाल दिया। लेकिन गले में जाते ही वह सांप सुंदर फूलों की माला बन गया।
♦️ सरेआम कोड़े मारना
एक बार सत्संग के दौरान शेखतकी ने सैनिकों द्वारा कबीर साहेब को कोड़े (चाबुक) मरवाए। सर्वशक्तिमान और अमर शरीर होने के कारण कबीर साहेब पर इसका कोई असर या निशान नहीं पड़ा।
♦️ तांत्रिक विद्या (मूठ) का प्रयोग
शेखतकी ने जान से मारने के लिए कबीर जी पर तांत्रिक विद्या (मूठ) छोड़ी। कबीर साहेब पर इसका कोई असर नहीं हुआ; उल्टा वह मूठ शेखतकी को ही लगी, इससे शेखतकी की मौत हो गई और उसे भी कबीर जी ने पुनः जीवित किया।
♦️ मृत गाय को जीवित करने की चुनौती
सम्राट सिकंदर लोधी ने एक गर्भवती गाय के चार टुकड़े कर दिए और कबीर साहेब को धमकी दी कि यदि गाय जिंदा नहीं की तो मारे जाओगे। कबीर साहेब ने पलक झपकते ही मृत गाय व उसके बछड़े को जीवित कर दिया।
♦️ भंडारे की झूठी चिट्ठी भिजवाना
कबीर साहेब को समाज में नीचा दिखाने और भूखा मारने के उद्देश्य से शेखतकी ने उनके नाम से पूरे भारतवर्ष में 3 दिन के विशाल भंडारे की झूठी चिट्ठियां बंटवा दीं। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने अपने चमत्कार से वह 3 दिवसीय विशाल भंडारा सफलतापूर्वक संपन्न कर दिया। जिसमें 18 लाख तो साधु, संत ही पहुंचे थे, आम लोगों की तो कोई गिनती ही नहीं थी।
♦️ झोपड़ी में आग लगाकर जलाने का प्रयास
विरोधियों ने रात के समय कबीर साहेब की झोपड़ी (कुटिया) को चारों तरफ से बंद करके उसमें आग लगा दी ताकि वे जलकर भस्म हो जाएं, लेकिन आग बुझने के बाद वे सुरक्षित बैठे मिले।
♦️ कुएं में धकेल कर ऊपर से मिट्टी-पत्थर डालना
कबीर साहेब को एक गहरे झेरे कुएं में धकेल दिया गया और ऊपर से मिट्टी तथा भारी पत्थर डाल दिए गए ताकि वे दबकर मर जाएं। लेकिन वे कुएं से सुरक्षित बाहर आ गए।
#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
Sant Rampal Ji Maharaj
♦️संत रामपाल जी के अनुसार, वेदों में परमात्मा का नाम 'कविर्देव' यानी कबीर बताया गया है। ऋग्वेद मण्डल 9, सूक्त 96, मंत्र 17 में लिखा है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव शिशु रूप में अवतरित होता है और कविताओं, दोहों के माध्यम से अपना तत्वज्ञान प्रचारित करता है। जिससे वह एक प्रसिद्ध कवि भी कहलाता है और वेदों की यह लीला भी काशी वाले कबीर जी ने की इसलिए वे भगवान हैं।
♦️ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता। वह सशरीर प्रकट होता है और सशरीर चला जाता है। इतिहास गवाह है कि कबीर जी, काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान जिला संत कबीर नगर) से सशरीर गए थे। इसलिए काशी वाला कबीर भगवान है।
♦️ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 कहता है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा के पालन पोषण की लीला कुंवारी गाय के दूध से होती है और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 साफ करता है कि कबीर जी का पालन पोषण कुंवारी गाय के दूध से हुआ था। यानी वेदों अनुसार, काशी वाला कबीर भगवान है।
♦️ गुरु ग्रन्थ साहिब, राग ‘‘सिरी‘‘ महला 1, पृष्ठ 24 के शब्द 29 में नानक जी ने कहा है:
फाही सुरत मलूकी वेस, उह ठगवाड़ा ठगी देस।।
खरा सिआणां बहुता भार, धाणक रूप रहा करतार।।
गुरुनानक देव जी ने सच्चखंड में सृष्टि के रचनहार कबीर परमात्मा को देखने के बाद, उसी परमात्मा को काशी में धाणक (जुलाहे) की भूमिका करते हुए देखकर कहा था कि लोगों यह धाणक (जुलाहा) करतार यानी सर्व सृष्टि को बनाने वाला भगवान है।
♦️ संत गरीबदास जी अपनी वाणियों में कबीर परमात्मा की महिमा गाया करते थे तो किसी ने उनसे पूछा कि कौन कबीर तो सुनिए उन्होंने अपनी वाणी में स्पष्ट किया है:
गरीब, हम सुलतानी नानक तारे, दादू कूँ उपदेश दिया।
जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।।
♦️संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है:
जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।।
कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय।
दादू पूरन जगत को, भक्ति दृढावत सोय।।
♦️ संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में स्पष्ट किया है कि काशी वाला कबीर भगवान है।
गरीब, परमेश्वर एक कबीर है, दूजा नहीं आधार।
दास गरीब सकल सृष्टि का, यो ही सिरजन हार।।
♦️ स्वामी रामानंद जी और कबीर जी समकालीन थे और सांसारिक दृष्टिकोण से कबीर जी, स्वामी रामानंद जी को अपना गुरु मानते थे। उन्हीं रामानंद जी ने कहा है कि काशी वाला कबीर भगवान है।
बोलत रामानंद जी, सुन कबीर करतार।
गरीबदास सब रूप में, तुम हीं बोलन हार।।
दोहूँ ठौर है एक तूं, भया एक से दोय।
गरीबदास हम कारणे, उतरे हो मग जोय।।
♦️काशी वाला कबीर भगवान है। इस विषय में गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने कहा है:
हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार।
नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।
♦️ संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में स्पष्ट किया है कि काशी में लगभग 600 पूर्व सशरीर प्रकट होने वाला, जुलाहे की भूमिका करने वाला कबीर भगवान है।
ज्यौं सर्पा की पूछ पकड़ कर, अंदर उलटै झाहा।
नीर कबीर सिंधु सुखसागर, है पूर्णब्रह्म जुलाहा।।
♦️ यदि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से मोक्ष प्राप्ति होती तो दोबारा श्री कृष्ण जी ने ब्रजवासियों के साथ वापस लौटकर परिक्रमा क्यों नहीं करवाई?
जानने के लिए अवश्य देखिए सनातनी पूजा के पतन की कहानी, संत रामपाल जी महाराज की जुबानी, भाग-6 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ क्या श्रीकृष्ण जी ने कभी गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा था, या यह बात पूरी तरह गलत समझी गई?
जानने के लिए अवश्य देखिए सनातनी पूजा के पतन की कहानी, संत रामपाल जी महाराज की जुबानी, भाग-6 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ क्या गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा से वाकई 84 लाख योनियों से मुक्ति मिलती है, या यह सिर्फ एक भ्रम है?
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♦️ श्री कृष्ण द्वारका जाने के बाद कभी वापस गोवर्धन की पूजा करने क्यों नहीं आए?
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♦️ प्रेमानंद महाराज, अनिरुद्धाचार्य और देवकीनंदन ठाकुर के गोवर्धन पूजा पर विचार शास्त्रों से मेल खाते हैं या नहीं?
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♦️ आखिर श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इन्द्र की पूजा छोड़ किस सच्चे भगवान की भक्ति करने के लिए कहा था?
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♦️ इन्द्र के प्रकोप से आखिर किसने बचाया ब्रजवासियों को, गोवर्धन, श्रीकृष्ण या कोई और महाशक्ति?
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♦️ जिस गिरिराज की परिक्रमा से मोक्ष का दावा किया जाता है, वही गांव बाढ़ में क्यों डूब गया?
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♦️ क्या प्रेमानंद, अनिरुद्धाचार्य और देवकीनंदन जैसे कथावाचक खुद शास्त्र विरुद्ध भक्ति करके श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहे हैं?
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♦️ इष्ट देव किसे माना जाए, इसका शास्त्र-सम्मत जवाब क्या है?
जानने के लिए अवश्य देखिए सनातनी पूजा के पतन की कहानी, संत रामपाल जी महाराज की जुबानी, भाग-6 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ इंद्रदेव के कोप से किसने बचाया जब गिरिराज और राधे-राधे मंत्र भी काम नहीं आए?
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♦️ भविष्य मालिका पुराण के अनुसार जगन्नाथ महाप्रभु का अवतार, श्रीकृष्ण से कितना अधिक शक्तिशाली होगा?
जानने के लिए अवश्य देखिए सनातनी पूजा के पतन की कहानी, संत रामपाल जी महाराज की जुबानी, भाग-6 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ कूर्म पुराण में वर्णित "काल भगवान" और पूर्ण परमात्मा में आखिर फर्क क्या है?
जानने के लिए अवश्य देखिए सनातनी पूजा के पतन की कहानी, संत रामपाल जी महाराज की जुबानी, भाग-6 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ गीता में बार-बार कहा गया "सच्चे भगवान की पूजा करो", आखिर वह सच्चा भगवान कौन है?
जानने के लिए अवश्य देखिए सनातनी पूजा के पतन की कहानी, संत रामपाल जी महाराज की जुबानी, भाग-6 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
♦️ क्या ब्रह्मा, विष्णु और महेश भी जन्म-मृत्यु के बंधन में बंधे हैं?
जानने के लिए अवश्य देखिए सनातनी पूजा के पतन की कहानी, संत रामपाल जी महाराज की जुबानी, भाग-6 Factful Debates यूट्यूब चैनल पर
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♦️ कबीर परमात्मा के दर्शन गरुड़ जी को हुए थे, कबीर सागर में 11वें अध्याय ‘‘गरूड़ बोध‘‘ पृष्ठ 65 (625) पर प्रमाण है कि परमेश्वर कबीर जी ने धर्मदास जी को बताया कि मैंने विष्णु जी के वाहन पक्षीराज गरूड़ जी को उपदेश दिया, उनको सृष्टि रचना सुनाई।
परमेश्वर कबीर जी ने गरुड़ जी को भी सत्य ज्ञान का उपदेश देकर शरण में लिया था।
♦️ त्रेता युग में हनुमान जी को मिले कबीर परमात्मा
श्री रामचंद्र द्वारा रावण वध के बाद माता सीता की अयोध्या वापसी पर जब एक घटनाक्रम के दौरान माता सीता जी ने हनुमान जी का अपमान किया तो हनुमान जी वापिस जंगल में चले गए। तब दुखी हनुमान जी को मुनिंदर रूप में आए परमात्मा कबीर जी ने मोक्ष की राह दिखाई और असली राम की जानकारी दी।
♦️ संत गरीबदास जी महाराज को सन् 1727 में 10 वर्ष की आयु में गांव छुड़ानी के नला नामक स्थान पर कबीर परमेश्वर जिंदा महात्मा के वेश में मिले। तत्वज्ञान से परिचित कराकर सतलोक दर्शन करवाकर साक्षी बनाया।
अजब नगर में ले गए, हमको सतगुरु आन।
झिलके बिम्ब अगाध गति, सूते चादर तान।।
अनंत कोटि ब्रह्माण्ड का एक रति नहीं भार।
सतगुरु पुरुष कबीर हैं कुल के सिरजन हार।।
♦️ कबीर परमेश्वर हजरत मुहम्मद जी को मिले थे।
कबीर साहेब हजरत मुहम्मद जी को सतलोक लेकर गए, सर्व लोकों की स्थिति से परिचय करवाया। किन्तु हज़रत मुहम्मद जी ने मान-बड़ाई के कारण कबीर साहेब का ज्ञान स्वीकार नहीं किया था।
कबीर साहेब ने कहा है-
हम मुहम्मद को सतलोक ले गया, इच्छा रूप वहाँ नहीं रहयो।।
उलट मुहम्मद महल पठाया, गुज बीरज एक कलमा लाया ।।
♦️ संत गरीबदास जी (गाँव- छुड़ानी, जिला- झज्जर, हरियाणा) को कबीर परमेश्वर सन् 1727 में खेतों में 'जिंदा महात्मा' के रूप में मिले और उन्हें सतलोक का साक्षात्कार कराया। इस पर संत गरीबदास जी ने कहा है:
गरीब, परमेश्वर एक कबीर है, दूजा नहीं आधार।
दास गरीब सकल सृष्टि का, यो ही सिरजन हार।।
गरीब, मात पिता जाके नहीं, नहीं जन्म प्रमाण।
यौह पूर्ण ब्रह्म कबीर है, करता हंस अमान।।
♦️ कबीर परमात्मा, संत दादू दयाल जी से सन् 1551 में आमेर (राजस्थान) में मिले थे। इस पर दादू जी ने कहा है:
जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।। - कबीरपंथी शब्दावली, पृष्ठ 233
♦️ भाई बाले वाली जन्म साखी के पृष्ठ 198 पर, काज़ी रुक्नुद्दीन के प्रश्न का उत्तर देते हुए श्री नानक देव जी ने कबीर साहेब की महिमा में कहा है:
खालक आदम सिरजिआ आलम बड़ा कबीर।
काइम दाइम कुदरती सिर पीरां दे पीर।
सयदे (सजदे) करे खुदाई नूं आलम बड़ा कबीर।
♦️ सामान्यतः स्वामी रामानंद जी को कबीर जी का गुरु माना जाता है, परंतु मर्यादा बनाए रखने के लिए कबीर जी ने गुरु-शिष्य की लीला की थी। आध्यात्मिक दृष्टिकोण के अनुसार, स्वामी रामानंद जी ने स्वयं कबीर साहेब की समर्थता को स्वीकार किया था। रामानंद जी ने कबीर जी के विषय में कहा है:
बोलत रामानंद जी, सुन कबीर करतार।
गरीबदास सब रूप में, तुम हीं बोलन हार।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 260
♦️ तैमूर लंग को कबीर परमात्मा ने 'जिंदा महात्मा' के रूप में तब दर्शन दिए थे, जब वह भेड़-बकरियाँ चरा रहा था। संत गरीबदास जी ने कहा है:
गरीब, तैमूरलंग को तालिब मिले, एक रोटी की चाहय।
जिंदा रूप कबीर धरहीं, सुनी तैमूरलंग की माय।।
गरीब, हिंद जिंद सब ही दी, सेतबंध लग सीर।
गढ़गजनी ताबे करी, जिंदा इसम कबीर।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 294
♦️ त्रेता युग में कबीर परमेश्वर मुनींद्र नाम से प्रकट हुए तथा नल व नील को शरण में लिया।
उनकी कृपा से ही समुद्र पर पत्थर तैरे। धर्मदास जी की वाणी में इसका प्रमाण है:-
रहे नल नील जतन कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार।
जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले।
धन-धन सतगुरु सत कबीर, भक्त की पीड़ मिटाने वाले।
♦️ कबीर परमात्मा के दर्शन गरुड़ जी को हुए थे, कबीर सागर में 11वां अध्याय ‘‘गरूड़ बोध‘‘ पृष्ठ 65 (625) पर प्रमाण है कि परमेश्वर कबीर जी ने धर्मदास जी को बताया कि मैंने विष्णु जी के वाहन पक्षीराज गरूड़ जी को उपदेश दिया, उनको सृष्टि रचना सुनाई।
परमेश्वर कबीर जी ने गरुड़ जी को भी सत्य ज्ञान का उपदेश देकर शरण में लिया था।
♦️ धर्मदास जी को कबीर परमात्मा पहली बार मथुरा में 'जिंदा महात्मा' के रूप में मिले थे। इसके बाद वे अनेक बार विभिन्न रूपों में मिले, उन्हें सतलोक का साक्षात्कार कराया और पुनः संसार में भेजा। इस पर धर्मदास जी ने कहा है:
आज मोहे दर्शन दियो जी कबीर।।
सत्यलोक से चल कर आए, काटन जम की जंजीर।।
♦️ कबीर परमेश्वर, सतगुरु के रूप में विश्नोई पंथ के संस्थापक संत जम्भेश्वर जी को समराथल (राजस्थान) में मिले थे। जम्भसागर (शब्द 90) में उल्लेख है:
जां जां पवन आसण, पाणी आसण, चंद आसण।
सूर (सूर्य) आसण गुरू आसण संमरा थले।
♦️ यहूदी धर्म के प्रवर्तक माने जाने वाले हज़रत मूसा जी को उनके अल्लाह ने, उनसे अधिक ज्ञानी 'अल-खिज़्र' के पास जाकर इल्म (ज्ञान) प्राप्त करने का निर्देश दिया था। इसका उल्लेख पवित्र कुरआन शरीफ़ के सूरा काफ 18 आयत 60 से 82 में है और वह अल-खिज़्र जो हजरत मूसा को मजमा-ए-बाहरेन में मिला था वह कोई और नहीं, बल्कि स्वयं कबीर जी थे।
♦️ कबीर परमात्मा, इस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हज़रत मुहम्मद जी से भी मिले थे। इस विषय में संत गरीबदास जी ने कहा है:
होते नबी मुहम्मद पीरा। जाकूँ मुर्शिद मिले कबीरा।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 569
♦️ मंसूर अली और उनकी बहन शिमली से भी कबीर परमात्मा ने शम्स तबरेज़ के रूप में भेंट की थी, जिसका वर्णन 'कबीर मंशूर' नामक पुस्तक में मिलता है। संत गरीबदास जी ने कहा है:
गरीब, बहुर शमशतबरेज रूप में, समझाये मनसूर।
शिमली पर साका हुआ, पौंहचे तख्त हजूर।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 233
♦️ संत नामदेव जी से कबीर परमात्मा एक संत के रूप में पंढरपुर में मिले और उनके साथ अनेक लीलाएँ कीं। इस विषय में संत गरीबदास जी ने कहा है:
मूंज अरू बांस सर खूब चोखे लिये, नामदेव की छांन तहां खूब छाई।
पातशाह मस्क जद बांध नामा लिया, गऊ तत्काल बेगहि कबीर जिवाई।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 554
♦️ कबीर परमात्मा, हजरत अली को मिले, उन्हें कलमा प्रदान किया था। इस बारे में सूक्ष्मवेद में कहा गया है:
गरीब, अली अलह का शेर है, सीना स्वाफ शरीर।
कृष्ण अली एकै कली, न्यारी कला कबीर।।
गरीब, अली अलीलौं हो गये, मुहम्मद पदम पचास।
कबीर एक का एक है, करो तास की आश।। - अमरग्रन्थ साहिब, पृष्ठ 248
♦️ संत मलूक दास जी को भी कबीर परमात्मा के दर्शन हुए थे। उन्होंने अपने पद में कबीर साहेब की महिमा का गान किया है:
जपो रे मन सतगुरु नाम कबीर।।
जपो रे मन परमेश्वर नाम कबीर।
चार दाग से सतगुरु न्यारा, अजरो अमर शरीर।
दास मलूक सलूक कहत हैं, खोजो खसम कबीर।। - कबीर सागर, अध्याय - अगम निगम बोध, पृष्ठ 45
♦️गुरु नानक देव जी को कबीर परमात्मा बेई नदी के किनारे 'जिंदा महात्मा' के रूप में मिले थे और उन्हें सचखंड (सतलोक) का साक्षात्कार कराया था। इसके बाद गुरु नानक जी ने कबीर प्रभु के विषय में कहा:
यक अर्ज गुफतम पेश तो दर गोश कुन करतार।
हक्का कबीर करीम तू बेएब परवरदिगार।। - गुरुग्रंथ साहिब, पृष्ठ 721
♦️ संत रविदास जी और कबीर जी समकालीन थे। कबीर परमात्मा की समर्थता से परिचित होकर उन्होंने कबीर जी को अपने आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में स्वीकार किया था। पुस्तक रैदास बानी के पेज 290 पर लिखा है:
सो तुम गावौ सो हूं गांऊं, तेरा ग्यान विचारुं।
कहै रैदास कबीर गुर मेरा, भरम करम धोइ डारुं।।
♦️संत रामपाल जी महाराज (गाँव- धनाना, जिला- सोनीपत, हरियाणा) से परमेश्वर कबीर साहेब जी की भेंट संवत् 2054, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष की एकम (9 मार्च 1997) को सुबह 10:00 बजे हुई थी।
♦️सूफ़ी संत रूमी को कबीर परमात्मा शम्स तबरेज़ के रूप में 15 नवंबर 1244 को कोन्या (तुर्की) में मिले थे। इसके उपरांत, रूमी ने अपने मुर्शिद (गुरु) शम्स तबरेज़ की प्रशंसा में रचित कृतियों 'मसनवी' और 'दीवान-ए-कबीर' में कबीर परमात्मा (अल-खिज़्र) का उल्लेख किया है।
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Farmers Savior SantRampalJi
♦️ वर्ष 1967 से करीब 300 एकड़ खेतों में पसरे विनाशकारी जलभराव को दूर करने के लिए सूरजगढ़ (बीड़ छुछकवास, झज्जर) को नई उम्मीद मिली है। आधी सदी पुराने इस संकट के स्थायी समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत तुरंत 3,000 फीट लंबी पाइपलाइन और 2 हैवी मोटरें पहुँचाई गई हैं, इससे 50 साल पुरानी त्रासदी से हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी।
♦️ अपनी ज़मीन होने के बावजूद 30 साल से मोल का अनाज खरीद रहे अहरवा (पलवल, हरियाणा) के किसानों के दुख का अंत होने जा रहा है। यहाँ के 150 एकड़ 'ताली' क्षेत्र के दलदल को सुखाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" ने मोर्चा संभाला है। गाँव को तुरंत 15,000 फीट लंबी पाइपलाइन और 3 हैवी मोटरें पहुँचाई गई हैं, जिससे दशकों पुराने संकट का स्थायी समाधान हो जाएगा।
♦️ पीने के पानी के भीषण संकट से जूझ रहे छुड़ानी धाम (झज्जर, हरियाणा) की 6,000 की आबादी को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन के 17 बार चक्कर काटने के बाद भी यहाँ दूषित पानी पीने की लाचारी थी। संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत मात्र 12 घंटों में गाँव को 13,000 फीट लंबी पाइपलाइन और 20 एचपी की हैवी मोटर पहुँचाई गई है, जिससे सीधे नहर का मीठा पानी गाँव की डिग्गी तक पहुँच जाएगा।
♦️ ऐतिहासिक कबलाना (झज्जर, हरियाणा) गाँव के बचे हुए 200 एकड़ बंजर हिस्से को आबाद करने के लिए सहायता का दूसरा चरण शुरू हो गया है। पूर्व में मिली 17,000 फीट पाइपलाइन और 2 मोटरों के बाद, अब मात्र 12 घंटों के भीतर गाँव को 15,000 फीट नई पाइपलाइन पहुँचा दी गई है। पाइप दबने के बाद 3 और हैवी मोटरें देकर यहाँ कुल 32,000 फीट लंबी पाइपलाइन का स्थायी नेटवर्क पूरा किया जा रहा है।
♦️ बरसाती पानी के गहरे भराव से त्रस्त मंडनाका (पलवल, हरियाणा) के किसानों को आख़िरकार राहत मिल गई है। यहाँ की 1,000 एकड़ कृषि भूमि पिछले 7-8 सालों से दलदल बनी हुई थी। प्रशासन की बेरुखी के बीच, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" ने गाँव की गुहार सुनकर त्वरित रूप से 20,000 फीट लंबी पाइपलाइन और 2 हैवी मोटरें पहुँचा दी हैं, जिससे जल निकासी का स्थायी रास्ता खुल जाएगा।
♦️ खेतों की तबाही और घरों में दरारें लाने वाले जलभराव से सिलानी (झज्जर, हरियाणा) को मुक्ति मिलने जा रही है। पिछले 10-15 सालों से यहाँ करीब 2,000 एकड़ ज़मीन पानी में डूबी थी। शासन-प्रशासन की अनदेखी के बाद, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत तुरंत 13,500 फीट लंबी पाइपलाइन और 5 हैवी मोटरें पहुँचाई गई हैं, जिससे इस दोहरे संकट का स्थायी समाधान सदा के लिए हो सके।
♦️ कोहला, सोनीपत (हरियाणा) गाँव पिछले 10-12 सालों से करीब 60-70 एकड़ कृषि भूमि पर गंभीर जलभराव की मार झेल रहा था। प्रशासन की नाकामी के बाद, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए गाँव को तुरंत 3,300 फीट लंबी पाइपलाइन पहुँचा दी गई है, और पाइपलाइन दबाने के बाद 1 हैवी मोटर देने का आश्वासन देकर इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया है।
♦️ वनवासा, सोनीपत (हरियाणा) गाँव पिछले 60 सालों से करीब 80-100 एकड़ कृषि भूमि पर भीषण जलभराव की मार झेल रहा था। संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाँव को तुरंत 7,000 फीट लंबी पाइपलाइन और एक हैवी मोटर पहुंचाई है। इससे दशकों पुराने संकट का स्थायी समाधान हो गया है।
♦️ नगला दादू, डीग (राजस्थान) का गाँव पिछले 70 सालों से गंभीर जलभराव की मार झेल रहा था, जिससे सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन बंजर पड़ी थी। प्रशासन की दशकों की नाकामी के बाद, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत गाँव को तीन बार में कुल 17,800 फीट पाइपलाइन और 4 हैवी मोटरें प्रदान कर इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया गया है।
♦️ भदानी, झज्जर (हरियाणा) गाँव की करीब 300 एकड़ उपजाऊ ज़मीन पिछले 4-5 सालों से भीषण जलभराव की मार झेल रही थी। प्रशासन की उपेक्षा के बाद, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए गाँव को दो चरणों में कुल 26,000 फीट लंबी पाइपलाइन और 8 हैवी मोटरें देकर इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया है।
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