गुलाबी गुलाबी
लगे आज तू भी समाँ भी गुलाबी,बसा आँख में बस गुलाबी गुलाबी।नजर तूने डाली हुआ दिल गुलाबी।लगे हैं फिजाँ ये गुलाबी गुलाबी।पहन आज तू जो चली है कयामत,रखी ओढ़ सर पे ये चुनरी गुलाबी।लगे हैं मुझे ये अदा क़ातिलाना,गुलाबी बदन और ऱुख भी गुलाबी।कभी थाम लूँ मैं जो हाथों में बोतलछलकता हुआ जाम ये भी गुलाबी।निहारूँ कभी आसमाँ एकटक मैंलगे हैं कहीं वो गुलाबी गुलाबी।कटी है कई रात उसके सहारे,हुई ‘राज’ आँखें मेरी भी…
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