australians_for_israel
This!!!! At least the should be consistent with their lies 🙄
seen from Canada
seen from China
seen from Hong Kong SAR China
seen from Germany
seen from China

seen from Jamaica
seen from Singapore

seen from United States

seen from United States
seen from United States
seen from France
seen from United States
seen from United States

seen from Malaysia
seen from United States
seen from South Korea
seen from United States

seen from United States
seen from China

seen from United States
australians_for_israel
This!!!! At least the should be consistent with their lies 🙄
La colpa non era di @djokernole ??? #australianopen #australiagovernment ??? #idiots https://www.instagram.com/p/CY_O3IRgpJmwoUnP-iuqYyDZakGkz0Ls62wN3U0/?utm_medium=tumblr
ऑस्ट्रेलिया सरकार इस खतरनाक तरीके से मारने वाली है करीब 20 लाख बिल्लियां
चैतन्य भारत न्यूज सिडनी. इन दिनों ऑस्ट्रेलिया सरकार बिल्ली प्रेमियों के गुस्से का सामना कर रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑस्ट्रेलिया सरकार ने वहां मौजूद सभी जंगली बिल्लियों को खत्म करने की घोषणा कर दी है। इन बिल्लियों को खत्म करने के लिए सरकार ने जमीन पर हवाई जहाज से जहरीले सॉसेज का छिड़काव का फैसला किया है। इसे खाने के बाद सभी बिल्लियां मर जाएंगी। जानकारी के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में जंगली बिल्ली की आबादी बहुत बढ़ गई है। इनकी वजह से करीब बीस स्तनधारी जीव प्रजातियां गायब हो चुकी हैं। बता दें जहरीले सॉसेज कंगारू के मांस, चिकन के वसा, जहर, मसाले और जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनाए जाएंगे। इन जहरीले सॉसेज को खाने के करीब 10 से 15 मिनट बाद ही बिल्लियां मर जाएंगी। बिल्लियों को खत्म करने के लिए कुछ विमान तैनात किए गए है। इन विमानों के जरिए ही बिल्ली वाले क्षेत्रों में हर किलोमीटर पर 50 सॉसेज छोड़ा जाएगा। बता दें ऑस्ट्रेलिया में करीब 2 मिलियन यानी 20 लाख जंगली बिल्लियां हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल ही ऑस्ट्रेलिया में जंगली बिल्लियां करीब 37.7 करोड़ पक्षियों और 649 रेप्टाइल्स (जमीन पर रेंगने वाले जानवरों) को मार देती हैं। हालांकि, कई लोगों ने इस योजना का विरोध भी किया है। जी हां... ऑस्ट्रेलिया के 1 लाख 60 हजार से ज्यादा लोगों ने सरकार के बिल्ली मारने वाले इस फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। इनमे से आधा दर्जन लोगों ने इस याचिका पर हस्ताक्षर भी कर दी है। Read the full article