आगरा की स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए, जिसके न्यायाधीश माननीय अनुज कुमार सिंह हैं, गुरुवार को बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज एक मामले में अपना आदेश सुना सकती है। मामला हिमाचल प्रदेश के मंडी क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत द्वारा दिए गए कथित विवादास्पद बयानों से जुड़ा है, जिन्होंने देश के किसानों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान करने के आरोपों का सामना किया है।
क्या है मामला?
यह मामला तब शुरू हुआ जब वादी, अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने दावा किया कि कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर बयान देकर देश के करोड़ों किसानों को "हत्यारा, बलात्कारी और अलगाववादी" कहा। इसके अलावा, उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसात्मक सिद्धांतों पर सवाल उठाते हुए भारत को 1947 में मिली आज़ादी को "भीख का कटोरा" बताया। वादी ने आरोप लगाया कि कंगना के इन बयानों ने न केवल महात्मा गांधी का अपमान किया, बल्कि उन क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों का भी, जिन्होंने देश को आज़ादी दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
कोर्ट में अब तक की कार्यवाही
वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्ग विजय सिंह भैया, राम दत्त दिवाकर, बी.एस. फौजदार, राकेश नौहवार, राजेंद्र गुप्ता और अजय कुमार सागर सहित कई अन्य वकीलों ने 2 जनवरी, 2025 को कोर्ट में मौखिक बहस पेश की। इससे पहले, 18 दिसंबर, 2024 को अधिवक्ताओं द्वारा लिखित बहस दाखिल की गई थी।
कंगना की अनुपस्थिति ने बढ़ाया विवाद
कोर्ट ने कंगना रनौत को तीन बार नोटिस भेजकर अदालत में पेश होने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। हालांकि, कंगना ना तो स्वयं अदालत में उपस्थित हुईं और ना ही उनकी ओर से कोई वकील उपस्थित हुआ। वादी पक्ष के अनुसार, यह अदालत के निर्देशों की अनदेखी का मामला है।
आदेश के लिए नियत तिथि
2 जनवरी, 2025 को बहस सुनने के बाद, न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह ने मामले में आदेश सुनाने के लिए 9 जनवरी, 2025 की तारीख तय की थी। अब, सभी की नजरें गुरुवार को आने वाले इस निर्णय पर टिकी हैं, जो इस विवादास्पद मामले में महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है।
संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोर्ट कंगना को दोषी ठहराती है या उन्हें अदालत में पेश होने का सख्त आदेश देती है, तो यह मामला और भी अधिक चर्चा में आ सकता है। यह मामला सिर्फ कंगना की व्यक्तिगत छवि ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
इस मामले में गुरुवार को क्या फैसला आता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
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