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The Revolution of Decentralized Finance (DeFi)
Hey friends! 🌐 Check out this eye-opening blog on the game-changing #DeFi revolution, featuring current benefits and exciting future directions. Explore #financialinclusion, #privacy, #governance, and more in the future of finance! 🚀
In the rapidly evolving landscape of the financial world, a disruptive force has emerged, challenging traditional banking systems and revolutionizing how we handle money. Decentralized Finance, commonly known as DeFi, is an innovative concept built on blockchain technology that empowers individuals with greater financial autonomy, transparency, and inclusivity. In this blog, we will explore the…
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It's official now, folks.
डांस्क के लोकप्रिय उदार महापौर पावेल एडमॉइक्ज का निधन हो गया
डांस्क के लोकप्रिय उदार महापौर पावेल एडमॉइक्ज का निधन हो गया
वारसा : पोलिश बंदरगाह शहर डांस्क के लोकप्रिय उदार महापौर का सोमवार को निधन हो गया, जब उन्हें पूर्व संध्या के दौरान एक पूर्व-दोषी व्यक्ति द्वारा पीट-पीट कर मार डाला गया था, जिसने पूर्व-दोषी पर हमला किया था और कहा था कि यह देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के खिलाफ बदला है।53 वर्षीय पावेल एडमॉइक्ज की मृत्यु के कारण दिल और पेट में घाव के कारण उनकी मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने के प्रयासों में पांच घंटे का…
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सैकड़ों यहूदी बच्चों की जान बचाने वाले नायक का निधन पेरिस : नाजियों के खिलाफ फ्रांस के संघर्ष के नायक रहे जॉर्जेस लोइंगर का 108 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उन्हें द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सैकड़ों यहूदी बच्चों की जान बचाने के लिए जाना जाता है। लोइंगर ने संघर्ष के दौरान फ्रांस-स्विजरलैंड सीमा पर छोटे-छोटे समूहों में बच्चों को बचाया था। शुक्रवार को फ्रांस के हॉलोकॉस्ट मेमोरियल फाउंडेशन की वेबसाइट पर लोइंगर को खास व्यक्ति बताते हुए उनके निधन की घोषणा की गयी। जिन बच्चों को लोइंगर ने बचाया, उन्हें यहूदी बच्चों की मदद करने वाली संस्था ओएसई की निगरानी में रखा गया। इन सभी बच्चों के परिजनों को या तो मार दिया गया था या फिर नाजी बंदी शिविर में भेज दिया गया था। लोइंगर का जन्म 1910 में स्ट्रैसबर्ग में हुआ था। उन्हें रेजिस्टेंट मेडल, मिलिट्री क्रॉस और लीजन ऑफ ऑनर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1940 में फ्रांस की सेना में सेवा के दौरान जर्मनी ने उन्हें जेल में डाल दिया था। हालांकि, लोइंगर के सुनहरे बाल और नीली आखों की वजह से उन्हें बंदी बनाने वालों ने समझा कि वह यहूदी नहीं हैं। इस तरह लोइंगर उन्हें चकमा देकर भागने में कामयाब हुए और ओएसई में शामिल हो गये। इसके बाद अप्रैल, 1943 और जून, 1944 के बीच ओएसई कार्यकर्ताओं ने युद्ध में फंसे बच्चों को बचाकर स्विटजरलैंड भेजने का अभियान चलाया। लोइंगर को अकेले 350 बच्चों को बचाने का श्रेय दिया जाता है। द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी के कब्जे वाले फ्रांस से अनेक बच्चों समेत करीब 75 हजार यहूदियों को निर्वासित किया गया था। इनमें करीब सभी लोगों की औशविट्ज और दूसरे इलाकों में लगे शिविरों में मौत हो गयी थी।
হালকা শীতের মরসুমে লং ড্রাইভে বেড়িয়েছিল দুই বন্ধু। কিন্তু কুয়াশাই হয়ে দাঁড়াল কাল। টাকি থেকে ফিরছিলেন ওই দুই যুবক। রাতের অন্ধকারে ও কুয়াশার জেরে মালঞ্চ সেতুতে ঘটে দুর্ঘটনা। গাড়ি ছিটকে পড়ে যায় কালভার্টের নিচে। ঘটনাস্থলে মৃত্যু হয় এক যুবকের। পুলিস ও স্থানীয় বাসিন্দারা অন্যজনকে উদ্ধার করে ভর্তি করেন চিত্তরঞ্জন ন্যাশনাল মেডিকেল কলেজ হাসপাতালে। সেখানেই তার মৃত্যু হয়।