श्रीकृष्ण जन्माष्टम्यां हार्दाः शुभाशयाः। शुभ-जन्माष्टमी। Read-Share! . निशीथे तम उद्भूते जायमाने जनार्दने। देवक्यां देवरूपिण्यां विष्णुः सर्वगुहाशयः। आविरासीद् यथा प्राच्यां दिशि इन्दुरिव पुष्कलः॥८॥ . भावार्थ: जन्म-मृत्यु के चक्र से छुड़ाने वाले जनार्दन के अवतार का समय था निशीध। चारों ओर अन्धकार का साम्राज्य था। उसी समय सबके हृदय में विराजमान भगवान विष्णु देवरूपिणी देवकी के गर्भ से प्रकट हुए, जैसे पूर्व दिशा में सोलहों कलाओं से पूर्ण चन्द्रमा का उदय हो गया हो। वसुदेव जी ने देखा, उनके सामने एक अद्भुत बालक है। उसके नेत्र कमल के समान कोमल और विशाल हैं। . Source: श्रीमद्भागवतपुराणम् 10.3 . . . . We are starting Long Series of Krishna Quotes by Shri Madhav Deshpande. Write हरे कृष्ण in comment, if you loved the idea. . . Story/status credit :- (@sanskrit_hitaay) . . . . #sanskrithitaay #sanskrit #geetashloak #gokul #kanhaiyaa #sanskrit #radhakrishna #janmashtami #krishna #krishnalove #sanskritquote #mahabharat #festival #gokul #krishna #janmashtami #श्रीकृष्ण_जन्माष्टमी #श्रीकृष्ण (at Lucknow, Uttar Pradesh) https://www.instagram.com/p/CDvINvRg2Gb/?igshid=stl320f3ammk










