ये कहानियों का बाजार है
यहाँ का हर शख़्स बीमार है
उसे देखने को जी चाहता तो है
बीच में कमबख्त एक दीवार है
इश्क़ के सपने मुझे अब आते नहीं
कबसे नींद मेरी आँखों पे सवार है
लौट जाना चाहता हूँ मैं घर को मगर
घर और मेरे बीच अब बहुत बड़ा संसार है
दोस्तों के साथ चाय पिए कई दिन हुए
चाय तो है लेकिन दोस्तों का इंतजार है
वो सोचती है कि हम उसे भूल जायेंगे
कोई उसे बताए मुझे अब भी उससे प्यार है
—praphull.
pc: Pinterest










