ब्रह्मस्वरूपा परमा ज्योतीरूपा सनातनी
सर्वविद्याधिदेवी या तस्यै वाण्यै नमो नमः।
विसर्गबिन्दुमात्रासु यदधिष्ठानमेव च
तदधिष्ठात्री या देवी तस्यै नित्यै नमो नमः।।
व्याख्यास्वरूपा सा देवी व्याख्याधिष्ठातृरूपिणी
यया विना प्रसंख्यावान् संख्यां कर्तुं न शक्यते
कालसंख्यास्वरूपा या तस्यै देव्यै नमो नमः।।
भ्रमसिद्धान्तरूपा या तस्यै देव्यै नमो नमः
स्मृतिशक्तिज्ञानशक्तिबुद्धिशक्तिस्वरूपिणी।।
(श्रीमद्देवीभागवत,९/५/९-१३)
जो ब्रह्मस्वरूपिणी,परमा,ज्योतिरूपा, शाश्वत तथा सभी विद्याओं की अधिष्ठात्री देवी हैं; उन सरस्वती को बार -बार नमस्कार है। विसर्ग,विन्दु तथा मात्रा - इन तीनों में जो अधिष्ठान - रूप से विद्यमान हैं तथा जो उनकी अधिष्ठात्री देवी हैं; उन नित्या देवी को बार -बार नमस्कार है। वे भगवती सरस्वती व्याख्यास्वरूपिणी तथा व्याख्या की अधिष्ठात्री देवी भी हैं।
जिनके बिना सुप्रसिद्ध गणक भी गणना कार्य नहीं कर सकते तथा जो साक्षात् कालसंख्यास्वरूपिणी हैं; उन देवी को बार -बार नमस्कार है।
जो भ्रमसिद्धांतस्वरूपा हैं,उन देवी को बार -बार नमस्कार है। जो स्मरण शक्ति, ज्ञान शक्ति, बुद्धि शक्ति, प्रतिभा शक्ति तथा कल्पनाशक्तिस्वरूपिणी हैं; उन देवी को बार -बार नमस्कार है।'
आप सभी को बसंत पंचमी के पावन- पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं 💐🙏