Posted @withregram • @manavkaul “कितना कठिन है कुछ भी नया करना, चाहे फिर वे ग़लतियाँ ही क्यों न हों। मैं हमेशा नई ग़लती करने बाहर निकलता हूँ, पर झोले में उन्हीं पुरानी ग़लतियों को बटोरकर वापिस आ जाता हूँ।” - अंतिमा (उपन्यास) क्या ये सारे रंग आपके पास हैं? #upanyas #novel #antima #sixthbook #writer #writing https://www.instagram.com/p/CJJxelDpVw7/?igshid=1m4xnmlpuk2vy










