TODAY IS THE DISAPPEARNCE DAY OF OUUR MAGNIFICIENT ACARYA H.D.G A.C. BHAKTICADANTA SWAMI SRILA PRABHUPAD
🙏💖✨😁
आज 8 नवंबर श्रील प्रभुपाद जी का तिरोभाव दिवस है!
💐परम पूज्यनीय अभय चरणारविन्द भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद ✨के बारे में संक्षिप्त जानकारी:
1896 - श्रील प्रभुपाद का जन्म नंदोत्सव के दिन हुआ
1922 - अपने आध्यात्मिक गुरु से मिले
1932 - दीक्षा📿 प्राप्त की
1939 - "भक्तिवेदांत" उपाधि से सम्मानित किया गया
1944 - "बैक टू गॉडहेड" पत्रिका शुरू की
1953 - झांसी में "लीग ऑफ डिवोटिज" शुरू किया
1956 - वृंदावन चले गए
1959 - सन्यास दीक्षा प्राप्त की
1960 - पहली किताब "इजी जर्नी टू अदर प्लेनेट्स"(अन्य ग्रहों की सुगम यात्रा) प्रकाशित
1965 - अमेरिका के लिए यात्रा "जलदुता" में शुरुआत हुई
1966 - इस्कॉन की स्थापना की
1967 - सैन फ्रांसिस्को के लिए अपनी पहली उड़ान भरी
1967 - सैंन फ्रांसिस्को में पहली रथ यात्रा आयोजित की
1968 - मैकमिलन ने अपनी भगवद्-गीता प्रकाशित की
1969 - लॉस एंजिल्स में पहला राधा कृष्ण मंदिर स्थापित किया
1969 - लंदन में राधा लन्दनेश्वर मंदिर की स्थापना
1970 - भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट की स्थापना
1971 - कोलकाता में भारत में पहला इस्कॉन मंदिर स्थापित किया गया
1972- मायापुर में भव्य मंदिर के लिए भूमि पूजन समारोह
1974- 17 खंडों में चैतन्य चरितामृत प्रकाशित
1975 - वृंदावन में मंदिर🛕 का भव्य उद्घाटन
1977 - कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी को आज ही के दिन गोलोक गमन किया।
💐 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 💐
श्रील प्रभुपाद
(इस्कॉन के संस्थापक आचार्य)
उनकी उपलब्धियां अद्भुत हैं। विशाल! अविश्वसनीय!
1. 1968 से 1977 के बीच।
उन्होंने कुल 22,000 पृष्ठों को अनुवाद किया
2. उन्होंने श्रीमद्भागवतम् के 18,000 श्लोकों का अनुवाद और लेखन किया।
3. प्रतिदिन एक श्लोक तात्पर्य के साथ पढ़ने से पाठक को 49.31 साल लग जाएंगे
4. उन्होंने भगवद्-गीता के 700 श्लोकों का तात्पर्य सहित अनुवाद किया
5. प्रतिदिन एक श्लोक तात्पर्य के साथ पढ़ने में दो साल लगेंगे
6. उन्होंने चैतन्य चरितामृता के 17 खंडों के लिए अनुवाद किया और तात्पर्य सहित लिखा - कुल 2,170 पृष्ठों या 11,555 श्लोकों में !!
7. प्रतिदिन एक श्लोक तात्पर्य सहित पढ़ने में पाठक को 31.6 साल लगेंगे। रोजाना एक पेज पढ़ने में 5.9 साल लगेंगे
8. उन्होंने 'भगवान चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाएं, भक्तिरसामृत सिन्धु, भगवान कपिलदेव की शिक्षाएं, श्री ईषोपनिषद और अन्य पुस्तकों 📚का लेखन किया
9. उन्होंने 'बैक टू गॉडहेड' पत्रिका 📰 प्रकाशित किया जो मासिक रूप से 1 मिलियन प्रतियां में वितरित की गई थी
10. उन्होंने अपने शिष्यों को 7000 पत्र लिखे जो 5 खंडों की पुस्तकों📚 में प्रकाशित हुए
11. केवल श्रीमद भागवतम् व्याख्यान उन्होंने दिए 11 पुस्तकों📚 में संकलित हैं
12. भगवद्-गीता व्याख्यान 7 खंडों की पुस्तकों 📚में संकलित हैं
13. उनके वार्तालाप को 42 खंडों की पुस्तकों📚 में संकलित किया गया है
14. उन्होंने असंख्य रिकॉर्डिंग का निर्माण किया
15. उन्होंने 108 मंदिरों🛕 की स्थापना की
16. उन्होंने 147 पुस्तकें प्रकाशित कीं। एक किताब📖 मासिक पढ़ने में 13 साल लगेंगे
17. यदि कोई 2021 में मासिक रूप से एक पुस्तक 📖 पढ़ना शुरू करता है, तो वह 2033 तक समाप्त नहीं होगा
18. उन्होंने दुनिया भर में 14 बार यात्रा की
19. इसके अलावा उन्होंने कम से कम 10000 लोगों के जीवन को बदल दिया, जो उनके द्वारा दीक्षित शिष्य बन गए।
20. और यह सब श्रील प्रभुपाद ने 70-80 की उम्र में केवल 11 वर्ष में किया।
ऐसे महान जगद्गुरु कृष्ण कृपामूर्त्ति श्रील प्रभुपाद की जय!🙌🙏
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ALL GLORIES TO SRILA PRABHUPAD 🙏 🙇🏻♂️🙇🏻♂️

















