दीपावली के त्योहार का हमारे जीवन में क्या महत्व है?
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#सदा_दीवाली_संत_की_12मास_बसंत
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दीपावली के त्योहार का हमारे जीवन में क्या महत्व है?
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#सदा_दीवाली_संत_की_12मास_बसंत
भक्ति की शक्ति: प्रह्लाद की अटूट आस्था ने सिद्ध किया कि परमात्मा अपने शरणागत की रक्षा हर हाल में करते हैं।
अहंकार का अंत: हिरण्यकश्यप का पतन यह सिखाता है कि सत्य के मार्ग में कोई भी बाधा स्थायी नहीं होती।
#holi
होली पर जानें कि प्रह्लाद भक्त की रक्षा किसने की थी?
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#राम_रंग_होरी_हो
हिन्दू राजा बीर सिंह बघेल और मुस्लिम राजा बिजली ख़ाँ पठान को कबीर परमात्मा ने सतलोक जाने से पहले कहा जो मेरे जाने के बाद मिले आधा आधा बांट लेना। दो चद्दर और सुगंधित फूल मिले, परमात्मा का शरीर नहीं मिला।
#पहचान_अविनाशी_प्रभु_की
#GodKabirNirvanDiwas
#कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस
परमेश्वर का नाम कविर्देव अर्थात् कबीर परमेश्वर है, जिसने सर्व रचना की है। जो परमेश्वर अचल अर्थात् वास्तव में अविनाशी है।
- पवित्र अथर्ववेद काण्ड 4 अनुवाक 1 मंत्र 7 प्रमाण है पृथ्वी पर आता हे।
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इस्कॉन के अनुवादकर्ताओं ने गीता में बहुत से श्लोकों के गलत अनुवाद करके जनता को पूर्ण परमात्मा की जानकारी से दूर रखा है। जैसे गीता अध्याय 2 श्लोक 17 में अविनाशी परमात्मा की पहचान बताई है जिसे इस्कॉन वालों ने आत्मा लिखा है, गीता अध्याय 7 श्लोक 24 में गीता ज्ञान दाता ने अपनी भक्ति को अनुत्तम (घटिया) बताया है क्योंकि इससे जन्म मृत्यु समाप्त नहीं होता है जबकि इस्कॉन सहित सभी नकली धर्मगुरुओं ने अनुवाद में अति उत्तम किया है। गीता अध्याय 18 शोक 66 में गीता ज्ञान दाता पूर्ण परमात्मा की शरण में जाने को कह रहे हैं जबकि इन्होंने अनुवाद में व्रज का अर्थ आना कर दिया जिससे भक्त समाज परमात्मा से तथा उसकी भक्ति से अनभिज्ञ रहा है। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज गीता का सही अनुवाद करके पूर्ण परमात्मा तथा उसकी प्राप्ति के गीत से प्रमाणित मंत्र देकर भक्त समाज का कल्याण कर रहे हैं।
3लोककाराज_ब्रह्माविष्णुमहेश