चाभी नहीं बनी अब तक ,जो हृदय का ताला खोल सके।
बना नहीं पैमाना भी,जो स्वाभिमान को तौल सके।
हमसे हम हैं, हममें हम हैं, जीवन भर के प्रश्न लिए,
है ज़ुबान कोई जो हर पल तीखा सच्चा बोल सके??
" क्यूं ठीक कहा ना??" आप बताइए, क्या अपनी ज़िन्दगी का कोई ऐसा सवाल है जिसका जवाब आपको कहीं नहीं मिलता??
दरअसल जिस सवाल का जवाब हमें कहीं नहीं मिलता शायद उसका जवाब हमारे पास ही मौजूद होता है।










