एक तेरी ही परवाह, परवाह सी लगती थी अब तो मानो खुद से खुद का ख़याल रखा नही जाता और फिर कभी रखा ही नही तो अब सीखना चाहे भी तो सीखा नही जाता ।। वो सुबह उठने से लेकर शाम की नींद का वक्त तय करा भी नही जाता, एक दर्द की दवाई का नाम भी यक़ीन करो, याद नही आता वो हज़ारों तरीक़ों से जो मना लेते थे तुम हमको तो अब खुद ही से रूठना भी नही आता।। खुद से ख़रीद रहे है सब कुछ हमें तो पसंद भी करना नही आता, तुम्हारी एक नज़र भर के लिए ही तो सजते थे अब तैयार होने में भी कुछ मज़ा नही आता।। युंही मस्ती मज़ाक़ में निकल जाते थे दिन खुदसे अब तो लड़ा नही जाता कमी रही ही नही थी इश्क़ की कभी अब तो हमसे प्यार भी माँगा नही जाता। #hindipoetry #shayari #shayariquotes #instagram #instagramers #literature #literaturememes #literaturequotes #ishq #90ssongs #90sbollywood #tehzeebhafi #gulzar #lovequotes #darkacademia #darkestacademia #darkacademiapoetry https://www.instagram.com/p/CYD9HIYpm4O/?utm_medium=tumblr