#अल्लाह_का_दीदार
शेख फरीद ने बड़ा हो कर के घर त्याग दिया। क्योंकि जिनको भगवान की चाह है वो तड़फ जाते हैं। उसने एक फक्कड़ फकीर को गुरु बना लिया। उस गुरु के हुक्के में आग भरने के लिये उसने अपनी आंख तक चिमटे से फोड़ कर निकाल दी थी। वह भी ठीक हो गयी थी। उसके गुरु ने जैसा कहा कि तप से अल्लाह का दीदार होगा। शेख फरीद वैसा करने लगा। परन्तु कोई लाभ नहीं हुआ। फिर अल्लाह कबीर ने स्वयं दर्शन दिये। सतभक्ति दी तब उसका कल्याण हुआ।















