Posted @withregram • @manavkaul कितनी देर लगती है कूदने में? मैंने डर देखा है डूबने का वहाँ, जहाँ छलाँग कभी मारी नहीं गई। पानी असल में हमें कभी नहीं डुबोता, हमें भविष्य के डर डुबोते है। त्रासदी है तैरने के ज्ञान की, जिसे बिना पानी में कूदे हमने हासिल किया है। असल में सब कुछ एक कहानी ही तो है। कई सो साल बाद हम एक बड़ी कहानी का छोटा सा हिस्सा होकर रह जाएगें। तो डर कहे का है? हम अपनी कहानी दूसरों के जीवन में क्यॊं टटोलते हैं? असल में हम अपनी कहानी में कभी जीत नहीं सकते, हम महज़ उसे जी सकते है। मौन हमारी कहानी में बिना दीवार वाला पूजा का कमरा है। यही वह जगह है, जहाँ कहानी दिलचस्प होती है। इस कमरे को सजाना मौन का क़त्ल है, पर हमारी ’घर बनाते रहने की आदत’ इस पूजा के कमरे में, ’हम जैसा बनना चाहते है’ की मूर्ति ठूँस देती है... बस... ठीक यहीं से कहानी बोरिंग हो जाती है। #somewriting #travelpic #throwback #europetravel https://www.instagram.com/p/B9Op6AHJo_EGDbKyZI2FKIGdwENNJpwnvPMFaw0/?igshid=1pzgsxvytyuam