चाँदी उगने लगी है बालों में... ये उम्र तुम पर हसीन लगती है... यूँ भी अच्छा ही लगता है... लेकिन देखकर अपनी हामला शाखें... गुलमोहर फूला फूला रहता है... अब जो थोड़ी सी भर गई हो तुम... यह वज़न तुमपे अच्छा लगता है... ।
मुझे मालूम है तुम मुझे अबतक भूल गई होगी काफी बरस बीत चुके है उस बात को... जब मिला था तुमसे तो थोड़ा नादान था... किसी से कैसे बात करनी है शायद नहीं पता था मुझे... बस चाहता हूं कि तुम जहां भी रहो खुश रहो... बस इतना ही कहना है... ।
I don't know you, from where you belong.. Maybe you know me and I don't but this made me cry. Thank you soo much.











