#mahakal #bholenath #mantras #mudra #meditation #kundaliniawakening #higherself #Satlok #SatlokAshram गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में लिखा है। ऊँ, तत्, सत्, इति, निर्देशः, ब्रह्मणः, त्रिविधः, स्मृतः सचिदानन्द घन ब्रह्म की भक्ति का मन्त्र ‘‘ऊँ तत् सत्‘‘ है। “ऊँ‘‘ मन्त्र ब्रह्म का है। “तत्” यह सांकेतिक है जो अक्षर पुरूष का है। ‘‘सत्’’ मंत्र भी सांकेतिक मन्त्र है जो परम अक्षर ब्रह्म का है। इन तीनों मन्त्रों के जाप से वह परम गति प्राप्त होगी जो गीता अध्याय 15 श्लोक 4 में कही है कि जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं आते। तत् और सत् सांकेतिक मंत्रो को केवल तत्वदर्शी संत ही बता सकता है जो आज पूरी पृथ्वी पर केवल जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी है। For more information must watch Sadhana Channel from 7:30p.m to 8:30p.m and on Ishwar Channel from 8:30p.m to 9:30p.m. (at Smart City Agra) https://www.instagram.com/p/CBcCjQDntAl/?igshid=x530m2j9tu9c