लॉकडाउन ना होता तो
शायद कम से कम दो बार तो घर से डॉक्टर के पास हो आते
हम सीखे, खुद की ज्यादा केयर करना या शायद छोटी बीमारी पे ध्यान ना देना
लॉकडाउन ना होता तो कितने ही रूपए की शॉपिंग कर चुके होते
हम सीखे है शायद हम बेफिजूल की खरीदारी करते आए है
हमारे फेवरेट ब्रांड के बिना भी हम रह सकते, ये जान पाते क्या कभी
ये भी कन्हा पता चलता के कितने ही पकवान , डिशेज हम घर पे भी बना सकते है
लॉकडाउन ने सिखाया हम अपने काम खुद करने की आदत होनी चाहिए बल्कि कुछ चीजों का बेसिक भी आना चाहिए,
लॉकडाउन ने ही तो एक बार फिर अपनी हॉबी की याद दिलाई
और सिखा मैने ज़रूरत की चीज़े के आज २०२० में भी रोटी ,कपड़ा और मकान ही हैं।
जिस फैमिली के लिए काम में लगे थे, उसके साथ फुर्सत के साथ वक्त बिताने की भी तो मिला लॉकडाउन में ही तो मिला
ज़िन्दगी सिर्फ़ भागते रहने का नाम नहीं है,
थोड़ा ठहराव भी ज़रूरी है ,अगले मंज़िल के लिए तैयार होने को...













