पृष्ठवंश
जो ऊपर है वह नीचे आयेगा जो नीचे है वह ऊपर जायेगा जो मध्य में है और खुश है वह कहीं नही जायेगा
जिसे सर पर बैठाया है वह नीचे गिर सकता है जिसे पैरों तले दबाया है वह ऊपर उठ सकता है जो रीढ़ की हड्डी के समान साथ खड़ा हो वह किसी से भी नहीं टूट सकता है
जिसकी कोई शुरुआत नहीं जिसका कोई अंत नहीं जो सबके साथ है, सब उसके साथ हैं हर मनुष्य के आँख में अंतरिक्ष के सत्य का अंश है जो हर पल समान है शक्तिमान है वही पृष्ठवंश है
~ राहुल सिंह















