अगर उस घर में रात को कोई चीज टूटती है, तो सुबह का इंतजार नहीं होता,पैसे का होता है। मैं उसी घर का बच्चा हूं,सुमित। बचपन से मुझे लोगों के बीच जाकर कुछ भी कहने में या सुनाने में बहुत अच्छा लगता था। मैं हमेशा से चाहता था कि लोगों के बीच जाऊँ और उन्हें अपनी कविता या कहानियां कुछ भी सुनाऊ। पर मेरे दोस्तों और जान पहचान के लोगों को लगता था, कि मैं यह नहीं कर पाऊंगा। हां ,मैं थोड़ा सा हकलाता था बोलने में,पर अब शौक तो शौक होता है ना। वह इंसान की कमी है या फिर कमजोरी देखकर तो होता नहीं है। मैं हर रोज मेरे घर में लगे आईने के सामने खड़े होकर घंटों बोलने का अभ्यास किया करता था । एक दिन गलती से वह आइना गिर के टूट गया। उस दिन के बाद मां रोज बोलती थी, कि बेटा! टूटे आईने में चेहरा नहीं देखते बुरा होता है। पर अब इस वजह से मैं अपने शौक को तो छोड़ नहीं सकता था मैं और नया आईना लाने के पैसे नहीं थे । तो मैं मां से छुप छुप कर उसी आईने में देखकर रोज अभ्यास कर लिया करता था। यकीन मानो उस आईने के सामने अभ्यास करके आज मैं हजारों लोगों के बीच बोलने से भी नहीं डरता हूँ । अगर हौसले बुलंद हो तो आईना टूटा हो या अच्छा सपनों के बीच कोई आड़े नहीं आता। Lines by @shayad_writer . . . #captionpost #honeyprince #shayariworld #shayadwriter #poetsofindia #captionwriting #captionlines #captionideas #hindicaption #tutekhwaab #aaena #hoshla #sapne #dreams (at Muzaffarpur Smart City) https://www.instagram.com/p/B95q7JTB_lr/?igshid=fx3rd2b2qebu