Caption** . . कितनी असमंजसताओ से घिरी है ना जिंदगी उतार-चढ़ाव, सुख-दुख सब देखकर जब रात को बिस्तर पर आता हूं तो सामने बस यह पंखा होता है। कितनी अजीब बात है ना मौसम के साथ ही इसकी रफ्तार भी बदलती रहती है। क्या तुम्हें नहीं लगता कि जिंदगी कि हर दिन में बदलते हुए मौसम के साथ हमें भी अपनी रफ्तार बदलते रहना चाहिए। कई बार तो हम कोशिश भी करते हैं पर जानते हुए भी जिंदगी की रफ्तार इतनी तेज कर देते हैं के बाद में हमें पछताना होता है ठीक वैसे ही जैसे बदलते मौसम में होता है। बदलते मौसम में ना चाहते हुए भी थोड़ी सी भी गर्मी होने पर हम इस पंखे को तेज कर ही देते हैं और शायद उसी पल हम अपनी जिंदगी पर से संतुलन खो बैठते हैं। उतार-चढ़ाव रात दिन सुख-दुख यह सब कुदरत का खेल है इसे कोई नहीं बदल सकता। हर किसी की जिंदगी में अच्छे और बुरे दोनों ही दिन आते हैं। हम बस कर इतना सकते हैं कि मौसम के हिसाब से खुद को बदलते रहे।🌻 . . . . Lines by @shayad_writer Pic credit @nalayak_tasveerwala #shayadwriter #honeyprince #poetsofindia #captionpost #happyworldpoetryday #storytelling #zindgikasach #pankheaurhum #poetrysociety #hindiblog #paragraphhindi (at Muzaffarpur Smart City) https://www.instagram.com/p/B9_qIL7lLW_/?igshid=1gpiumgu16241












