एक नाराज़गी ही तो थी, अपनी एक मुस्कान से माना लेते। एक नज़रिया ही तो था, अपने शब्दों में उल्ज़ाके बदल देते। एक बदसलूकी ही तो थी, ज़रा सी नाराज़गी से सुधार देते। एक बिखरा दिल ही तो था, अपने दामन में यूँ समेट्ट लेते। एक रिश्ता ही तो था, चाहते तो टूटने से बचा लेते।
Happy Koul









